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वतन फाउंडेशन "हमारा पैगाम भाईचारे के नाम" की ओर से भारत रत्न एपीजे अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी मोइन खान ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत का पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर फाउंडेशन की ओर से दिनांक 27 जुलाई को प्रातः 9 बजे कुरान ख्वानी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया एवं 10.30 बजे रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया स्थित कलाम गार्डन में पौधरोपण का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।

वतन फाउंडेशन “हमारा पैगाम भाईचारे के नाम” की ओर से भारत रत्न एपीजे अबुल कलाम आजाद की पुण्यतिथि के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। फाउंडेशन के मीडिया प्रभारी मोइन खान ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत का पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर फाउंडेशन की ओर से दिनांक 27 जुलाई को प्रातः 9 बजे कुरान ख्वानी एवं श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया एवं 10.30 बजे रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया स्थित कलाम गार्डन में पौधरोपण का कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।


कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजकीय पीजी कॉलेज के प्राचार्य श्री ओपी शर्मा रहै एवं अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी श्री नाथूलाल खटीक ने की। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर माध्यमिक शिक्षा के अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी श्री घनश्याम बैरवा, श्री एजाज अली, प्रोफेसर सूर्य प्रकाश नापित एवं प्रोफेसर राम लाल बेरवा थै।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने संबोधित करते हुए कहा कि श्री कलाम एक महान वैज्ञानिक एवं राष्ट्रपति के अलावा वे एक आम इंसान के तौर पर वे युवाओं की पहली पसंद और प्रेरक रहे हैं। उनकी बातें, उनका व्यक्तित्व, उनकी पहचान न केवल एक राष्ट्रपति के रूप में हैं बल्कि जब भी लोग खुद को कमजोर महसूस करते हैं, कलाम का नाम ही उनके लिए प्रेरणा बन जाता है।
अपनी बात रखते हुए कार्यक्रम के अध्यक्ष श्री नाथूलाल खटीक ने कहा कि डॉ. कलाम बातचीत में बड़े विनोदप्रिय स्वभाव के हैं। अपनी बात को बड़ी सरलता तथा साफगोई से सामने रखते हैं। प्राय: उनकी बातों में हास्य का पुट होता है। लेकिन बात बहुत सटीक तौर पर करते हैं। विशिष्ट अतिथि एजाज़ अली ने कहा कि डॉ. कलाम सभी मुद्दों को मानवीयता की कसौटी पर परखते हैं। उनके लिए जाति, धर्म, वर्ग, समुदाय मायने नहीं रखते। वे सर्वधर्म समभाव के प्रतीक हैं।
कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर सूर्य प्रकाश नापित ने बताया कि वे एक गैरराजनीतिक व्यक्ति रहे हैं फिर भी विज्ञान की दुनिया में चमत्कारिक प्रदर्शन के कारण इतने लोकप्रिय रहे कि देश ने उन्हें सिर माथे पर उठा लिया तथा सर्वोच्च पद पर आसीन कर दिया। प्रोफेसर रामलाल बैरवा ने कहा कि एक वैज्ञानिक का राष्ट्रपति पद पर पहुंचना पूरे विज्ञान जगत के लिए सम्मान तथा प्रतिष्ठा की बात थी।
फाउंडेशन के हुसैन आर्मी ने बताया कि दोपहर 2 बजे से 4 बजे तक पूर्व राष्ट्रपति के व्यक्तित्व एवं शिक्षाओं से सम्बंधित चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन दो वर्गों कक्षा 6 से 8 एवं कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के बीच में आयोजित किया गया।
इस अवसर पर पार्षद राजेश पहाड़िया, पार्षद सुनील तिलकर, संजय बैरवा, मुकेश सीट, डॉ.दिनेश शर्मा, सलमान रंगरेज, जाबिर खान, अब्दुल कलीम, रिजवान खान, सोनू सेन, विष्णु शर्मा, रोशन खान, बाबू खान, मकसूद खान, हाफ़िज़ अफजल, आमिर खान, इकबाल खान, रोमान अली, आरूष, अमन, दिनेश, सोहेल, आदि सहित अन्य लोग मौजूद रहै।
ज्ञातव्य है कि इसी श्रृंखला में दिनांक 31 जुलाई 2022 को प्रश्नोत्तरी एवं निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 11 से स्नातक के विद्यार्थी भाग ले सकेंगे। निबंध एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर सफल रहे प्रतियोगियों को आकर्षक प्रोत्साहन राशि से नवाजा जाएगा।

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