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भारत में मुसलमानो के प्रसिद्ध धार्मिक विद्वान हजरत मौलाना कलीम सद्दीकी फुलत वालों की यूपी पुलिस की ओर से गिरफ्तारी गैर संविधानिक है। यह बात ईदगाह मस्जिद सांगानेर पर ऑल इंडिया इमाम काउंसिल के मौलाना सुहैल साहब ने कहीं।

https://youtu.be/9ay6_GKUOXU

मौलाना कलीम सिद्दीकी एक ऐसी शख्सियत है जो पूरे हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि दूसरे मुल्कों में भी हर मज़हब के मानने वालों में एक सी ही मकबूलियत रखते हैं मुल्क की भलाई उनका मिशन है वह सबके सामने इस्लाम का पैगाम अमन व आशति बड़े अच्छे से पेश करते हैं वे कानून और दस्तूर के दायरे में रहते हुए मजलूमों की मदद करते हैं उनको और उनके साथियों को सितंबर की 21,22 की दरमियानी रात को बिना किसी वजह के मेरठ से 9:30 बजे रात को उस वक्त गिरफ्तार कर लिया गया जब वह मेरठ से अपने घर फुलत से मुजफ्फरनगर जा रहे थे हैरत की बात तो यह है कि उनको पुलिस स्टेशन ले जाने के बजाय इंक्वारी के नाम पर किसी दूसरी जगह ले जाया गया जो सरासर कानून के खिलाफ वर्जी़ और मुल्क के अमन व सलामती के लिए इंतिहाई खतरनाक है।

मौलाना उमर गौतम साहब जो गैर मुस्लिम से मुसलमान हुए फिर दस्तूर में दिए हुकूक और इखतियारात की रोशनी में इस्लाम का पैगाम अमन और शांति सबको पहुंचाने लगे उनको पिछले जुलाई के महीने में मज़हब तब्दीली और बाहरी फंडिंग का इल्ज़ाम लगाकर गिरफ्तार कर लिया गया।

मुफ्ती जहांगीर कासमी अभी मौलाना उम्र गौतम के साथ काम करते थे उन पर ना कोई मुकदमा था और ना ही कोई इल्जाम उसके बावजूद उन पर जबरदस्ती मुकद्दमा चलाया गया और उन्हें पुलिस रिमांड में भी रखा गया इस तरह के बहुत से केस हैं सरकारी एजेंसियों का रवैया और इंतजामी कारिंदों की सरगर्मियां मुस्लिम कम्युनिटी और मुस्लिम लीडरान बिलखुसूस उलामा को बिला वजह गिरफ्तार कर लेना मुल्क और दस्तूर को कमज़ोर करने की खतरनाक साजिश है। इसलिए ऑल इंडिया इमामस काउंसिल मुतालबा करती है कि:-
(1) मौलाना कलीम सिद्दीकी मौलाना उमर गौतम मुफ्ती जहांगीर को फौरन रिहा किया जाए उनके खिलाफ झूठे मुकदमे को खत्म किया जाए।
(2) मुस्लिम उलेमा और कम्युनिटी लीडरान को सिर्फ शक की बुनियाद पर समाज में बदनाम करने और नेगेटिव सोच पैदा करने की साजिश को रोका जाए।
(3) जो सरकारी अफसरन इस तरह की गैरकानूनी सरगर्मियों में शामिल हैं उनकी इंक्वारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
(4) मुल्क में अमन और सलाम और कौमी यकजहती को बरकरार रखने के लिए कानूनी बाला दस्ती को फरोग दिया जाए ।

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