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- प्रदेश में नहीं खेल प्रतिभाओं की कमी, ग्रामीण ओलम्पिक से मिल रहा मंच - ईआरसीपी को मिले राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा - जनता को राहत देने वाली योजनाएं रेवड़ियां ना होकर ‘सामाजिक सुरक्षा’ - असहमति एवं आलोचना को जगह देना लोकतांत्रिक सरकारों का कर्तव्य

– प्रदेश में नहीं खेल प्रतिभाओं की कमी, ग्रामीण ओलम्पिक से मिल रहा मंच
– ईआरसीपी को मिले राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा
– जनता को राहत देने वाली योजनाएं रेवड़ियां ना होकर ‘सामाजिक सुरक्षा’
– असहमति एवं आलोचना को जगह देना लोकतांत्रिक सरकारों का कर्तव्य

सवाई माधोपुर/जयपुर, 15 सितंबर। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है तथा मात्र उन्हें तलाशने एवं तराशने की आवश्यकता है। इसके लिए खिलाड़ियों को राजीव गांधी ओलम्पिक खेलों के रूप में एक मंच उपलबध करवाने वाला राजस्थान एकमात्र राज्य है। 40 करोड़ रूपए के बजट से आयोजित हो रहे ग्रामीण ओलम्पिक में लगभग 30 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया तथा 2 लाख से ज्यादा टीमें बनी। प्रतिभागियों में 10 लाख महिला खिलाड़ी भी शामिल है। उन्होंने कहा कि हर आयु वर्ग के खिलाड़ी ग्रामीण ओलम्पिक खेलों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं तथा प्रदेश में खेलों के प्रति एक सकारात्मक माहौल तैयार हो रहा है। जल्द ही शहरी ओलम्पिक खेलों का भी आयोजन होगा।
श्री गहलोत गुरूवार को सवाईमाधोपुर में राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेलों के तहत चल रही ब्लॉक स्तरीय खेल प्रतिस्पर्द्धाओं का अवलोकन कर रहे थे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल व खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। सरकारी नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 2 प्रतिशत पद आरक्षित किए गए हैं। 229 खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां दी गई है। खिलाड़ियों को डीवाईएसपी स्तर की नौकरियां मिल रही है। खेल प्रशिक्षकों के लिए पेंशन योजना लागू कर दी गई है। ओलम्पिक पदक विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि बढ़ाकर 3 करोड़ रूपए तक कर दी गई है। उन्होंने कहा कि खेल के मैदान से मिला ज्ञान जीवन भर साथ चलता है। इससे प्रतिभागियों के सेहतमंद बनने के साथ-साथ उनमें जीत का संकल्प, निर्णय लेने की क्षमता तथा दूरदर्शिता का विकास होता है।
1.33 करोड़ महिला मुखियाओं को मिलेंगे मुफ्त स्मार्टफोन
मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द¬ ही राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 1.33 करोड़ परिवारों की महिला मुखियाओं को निःशुल्क स्मार्टफोन दिए जाएंगे। इसके साथ 3 साल के लिए मुफ्त इंटरनेट सुविधा भी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आईटी क्रांति के जनक स्व. राजीव गांधी आईटी के माध्यम से देश को 21वीं शताब्दी में ले जाना चाहते थे। श्री गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार की इस पहल से प्रदेश की महिलाओं एवं बच्चों को डिजिटल युग से जोड़ा जा सकेगा। वे निःशुल्क स्मार्टफोन एवं इंटरनेट से विभिन्न क्षेत्रों का ज्ञान प्राप्त कर सकेंगे तथा सरकारी योजनाओं के बारे में सभी जानकारी घर बैठे ले सकेंगे।


जन केंद्रीत योजनाएं रेवड़ियां ना होकर सामाजिक सुरक्षा का हिस्सा
श्री गहलोत ने कहा कि सरकार द्वारा आमजन को राहत देने के लिए लाई गई योजनाएं रेवड़ियां ना होकर सामाजिक सुरक्षा का भाग है। मंहगाई के इस दौर में आमजन को अधिकतम राहत देने की कोशिश करना एक लोकतांत्रिक सरकार का कर्तव्य है। पश्चिमी लोकतंत्रों में लंबे समय से इसका प्रचलन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राज्य सरकार द्वारा आमजन को संबल देने हेतु निःशुल्क उपचार, बिजली बिलों की छूट, 1 करोड़ लोगों के लिए पेंशन, वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी माध्यम में मुफ्त शिक्षा सहित विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।
लोकतंत्र में आलोचना व असहमति की जगह अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार को राज्यों में लोकतांत्रिक तरीके चुनी गई सरकारांें की स्थिरता सुनिश्चित करने को लेकर देश को आश्वस्त करना चाहिए। लोकतंात्रिक मूल्यों के संरक्षण में आलोचना व असहमति की महत्वपूर्ण भूमिका है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में सभी संप्रदायांे के बीच आपसी भाईचारा व समरसता स्थापित करने के लिए प्रधानमंत्री को देश के नाम अपील करनी चाहिए।
ईआरसीपी को मिले राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा
श्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश के 13 जिलों में पेयजल व सिंचाई जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें हो रही बेवजह देरी से पचपदरा ऑयल रिफाईनरी की तरह ईआरसीपी की लागत में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना है।


स्वास्थ्य में राजस्थान बन रहा मॉडल स्टेट
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने आमजन को महंगे इलाज से मुक्ति दिलाने के लिए चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना लागू की है। इसके माध्यम से आमजन को 10 लाख रूपए तक का निःशुल्क इलाज मिल रहा है। किडनी, हार्ट, लीवर ट्रांसप्लांट जैसे महंगे इलाज में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है। साथ ही, 5 लाख रूपए तक का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा आईपीडी, ओपीडी में सभी प्रकार के उपचार निःशुल्क कर दिए गए हैं। प्रदेशवासियों की सिटी स्केन, एम.आर.आई. स्केन जैसी महंगी जांचें भी निःशुल्क की जा रही हैं। इन ऐतिहासिक निर्णयों से राज्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में उभरा है।
शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान अग्रणी
श्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश सरकार की नीतियों से शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान आज एक अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों के द्वारा वंचित तबके के विद्यार्थी अंग्रेजी भाषा में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा निःशुल्क प्राप्त कर रहे हैं। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी राजस्थान लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 210 महाविद्यालय खोले गए हैं, जिनमें 90 कन्या महाविद्यालय शामिल हैं। 500 बालिकाओं के नामांकन वाले विद्यालयों को कॉलेज बनाने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया है। राज्य में उत्कृष्ट शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई है।
इन्वेस्ट राजस्थान से राज्य में आएगा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्टूबर में आयोजित हो रही इन्वेस्ट राजस्थान समिट से राज्य में बड़ी मात्रा में निवेश आएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सभी जिलों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा समिट के माध्यम से सभी क्षेत्रों में औद्योगिकरण को गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीति से प्रदेश में छोटे व कुटीर उद्योगों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
श्री गहलोत ने कहा कि प्रदेश में किसान मित्र ऊर्जा योजना के माध्यम से लाखों किसानों का बिजली बिल शून्य हो गया है। इसी प्रकार 50 यूनिट निःशुल्क किए जाने के फैसले से करीब 42 लाख घरेलू उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों से आज राज्य ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है।

इस दौरान मुख्यमंत्री सलाहकार एवं सवाई माधोपुर विधायक दानिश अबरार ने अपने स्वागत भाषण में ग्राम बनोटा व जटवाड़ा कलां में उपस्वास्थ्य केन्द्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नत करने, ग्राम ओलवाड़ा, बहतेड़ व भूखा में पेयजल व सिंचाई के लिए एनिकट की घोषणा, खिरनी व मलारना स्टेशन में लाईब्रेरी व नगर परिषद् क्षेत्र बजरिया में वाचनालय का निर्माण, ग्राम नई बस्ती खटुपुरा में नवीन प्राथमिक विद्यालय स्वीकृत, ग्राम बिलोली, कशौली व निणोणी के विद्यालय को प्राथमिक स्तर से उच्च प्राथमिक स्तर व ग्राम धनोली, नयापुरा, बरियारा व श्यामोली में विद्यालय को उच्च प्राथमिक स्तर से उच्च माध्यमिक स्तर पर क्रमोन्नत करने, मलारना चौड़ हाइवे से टांके के बालाजी, ग्राम रांवल से कानसीर, रघुवंटी से जिला सीमा तक वाया श्यामोली मय रपट सड़क निर्माण, महात्मा ज्योतिबा फुले महाराज की मूर्ति के लिए नगर परिषद् क्षेत्र में भैरू दरवाजे पर भूमि आवंटन, ग्राम मलारना चौड़ में पुलिस चौकी स्वीकृत करने, वर्ष 2022-23 बजट सत्र में आपकी घोषणा गणेश तिराहे से श्री 1008 त्रिनेत्र गणेश मन्दिर तक रोपवे का निर्माण कार्य इसी सत्र से प्रारम्भ करने एवं तृतीय श्रेणी उर्दू शिक्षकों के पदों में बढ़ोत्तरी कर 2 हजार 500 करने की मांग मुख्यमंत्री से की। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने भी समारोह को सम्बोधित किया।
इस दौरान जिला प्रभारी एवं सार्वजनिक निमार्ण विभाग मंत्री भजनलाल जाटव, पूर्व केन्द्रीय विŸा राज्यमंत्री नमोनारायण मीना, मुख्यमंत्री सलाहकार एवं गंगापुर सिटी विधायक रामकेश मीना, बामनवास विधायक इन्दिरा मीना, जिला कलेक्टर सुरेश कुमार ओला, जिला पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार विश्नोई, जिला परिषद् के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिषेक खन्ना, जिला प्रमुख सुदामा मीना, सवाई माधोपुर प्रधान निरमा मीना, मलारना डूंगर प्रधान देवपाल मीना, जिला अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी सवाई माधोपुर शिवचरण बैरवा, पूर्व विधायक सवाई माधोपुर यास्मीन अबरार, नगर परिषद् सभापति विमलचन्द महावर, उप सभापति अली मोहम्मद एवं वरिष्ठ एडवोकेट असरार अहमद उपस्थित रहे।

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